Self Help Group (SHG) स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन up 2022

स्वयं सहायता समूह उत्तर प्रदेश | नया समूह कैसे बनाएं? स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन UP | स्वयं सहायता समूह में नौकरी | Swayam sahayata samuh list (SHG) | कैसे बने स्वयं सहायता समूह के मेंबर |

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब से स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों को सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय के रख रखाव की जिम्मेदारी देने की घोषणा की हैं तभी से स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन up के बारें में लोग ज्यादा परेशान हो रहें |

इसके साथ ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने ग्रामीण इलाको में सामुदायिक शौचालय में कार्यरत समूह को प्रतिमाह 9000 रूपये प्रतिमाह वेतन देने की भी घोषणा की |

दोस्तों , आज इस पोस्ट हम स्वयं सहायता समूह क्या है ? Swayam sahayata samuh list (SHG) , समूह में कौन कौन सी योजनाएं हैं?  नया समूह कैसे बनाएं?  आदि के बारे में विस्तारपूर्वक बताने जा रहें हैं |

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यदि आप भी अभी तक अपना समूह नहीं बना पायें हैं  और नया समूह बनाना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़ें |

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1 स्वयं सहायता समूह क्या है?

 स्वयं सहायता समूह क्या है? 

Self help group (SHG) अर्थात स्वयं सहायता समूह जो लगभग 10 से 20 महिलाओं का एक शैक्षिक समूह होता है जिसमें सभी महिलाएं सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि ने समान  होती हैं | 

सभी महिलाएं व्यक्तिगत रूप से नियमित अपनी आमदनी का छोटा सा हिस्सा बचत के रूप में संचित करती रहती हैं जिसका उपयोग  वे सभी सामूहिक रूप से निर्णय लेते हुए आवश्यकतानुसार उपयोग करती हैं |

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स्वयं सहायता समूह उत्तर प्रदेश  

उत्तर प्रदेश की सरकार ने 2017 के बाद लगभग 10 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूह बनाए हैं | इसके साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एवं उनकी आजीविका के लिए प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है |

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत 40,000 से अधिक स्वयं सहायता समूह को ₹15000 की आर्थिक सहायता रिवाल्विंग फंड के तौर को प्रदान किया |

 साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायतों में बनने वाली सामुदायिक शौचालय के रखरखाव के लिए भी समूह के सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है इसके लिए उन्हें ₹9000 प्रतिमाह मानदेय भी दिया जाएगा ।

एनआरएलएम द्वारा स्वयं सहायता समूह  बनाने के क्या उद्देश्य हैं?

  • ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अस्थाई अवसर उपलब्ध कराना जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया जा सके
  • स्थाई समुदाय आधारित संगठनों की स्थापना करना
  •  गरीब परिवारों की वित्तीय सेवाओं तथा आर्थिक सेवा को सुनिश्चित करना
  • सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं  को अंतिम व्यक्ति तक  उपलब्ध कराना

स्वयं सहायता समूह की आवश्यकता क्यों पड़ी

किसी सरकार को  मिशन मोड में किसी योजना को लागू करने के लिए, राज्य सरकारों को स्वायत्त बनाने, राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर समर्पित मिशन कार्यान्वयन वास्तुकला स्थापित करने और पर्याप्त पूरक प्रणाली (अर्थात, मानव संसाधन, प्रशासन, वित्त) स्थापित करने की आवश्यकता होती है ।

इस प्रकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) को मिशन सोसायटियों, कार्यान्वयन वास्तुकला और प्रणालियों की स्थापना के लिए राज्यों को तकनीकी और पेशेवर सहायता प्रदान करने और कार्यान्वयन में उनका मार्गदर्शन करने और उनकी प्रगति की निगरानी करने की आवश्यकता है। 

 इसका संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2013 ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (एनआरएलपीएस) की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की। 

एनआरएलपीएस को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (एसआरएलएम) को उनके उद्देश्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए व्यापक पेशेवर और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए एक कॉम्पैक्ट, पेशेवर और बहु-अनुशासनात्मक निकाय के रूप में परिकल्पित किया गया है।

समूह में कौन कौन सी योजनाएं हैं?

 Swayam Sahayata Samuh (SHG)  में  केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित कुछ  प्रचलित योजनाएं  हैं –

  1.  स्वावलंबन योजना
  2.  सक्षम योजना
  3.  मिशन शक्ति अभियान
  4. महिला जागृति शिविर
  5.  उज्जवला  गृह योजना
  6. महतारी जतन योजना
  7. छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना
  8.  प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

स्वयं सहायता समूह से क्या लाभ?

  • ग्रामीण क्षेत्रों में  एसएसजी  द्वारा स्वरोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलती है
  •  कर्ज लेने के लिए बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं
  • सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्ति
  • छोटी-छोटी बचत करने में सहायक सिद्ध होता है
  • ग्रामीण महिलाओं के वित्तीय एवं आर्थिक  स्थिति में सुधार
  • केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा समय-समय पर वित्तीय अनुदान का लाभ मिलता है

स्वयं सहायता समूह  नियमावली 

 स्वयं सहायता समूह की नियमावली बनाते समय निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है –

  • समूह के अध्यक्ष, सचिव तथा कोषाध्यक्ष की नियुक्ति कितने समय के लिए  रहेगी
  • समूह की बैठक कब होगी कौन से स्थान पर होगी
  • प्रति सदस्य बचत की राशि कितनी होगी
  • प्रतिवर्ष समूह का अध्यक्ष कैसे चुना जाएगा
  • लिए गए ऋण पर ब्याज का निर्धारण कैसे होगा
  • बचत राशि समय पर जमा नहीं होता है तो कितना जुर्माना लगेगा 
  • नए सदस्य बनाने पर सदस्यता राशि कितनी होगी
  •  सदस्यों की उम्र 18 से 55 वर्ष  होगी
  • समूह के सभी सदस्य एक ही गांव के स्थाई निवासी होनी चाहिए
  • एक परिवार से  एक ही सदस्य समूह में शामिल हो सकता है 
  • बैठक करते समय सदस्यों की संख्या दो तिहाई होनी चाहिए 
  • यदि कोई सदस्य नियमों का उल्लंघन करता है  या नियमित रुप से बैठक में भाग नहीं लेता है तो उसकी सदस्यता समाप्त हो  जाएगी

नया समूह कैसे बनाएं?

  • सबसे पहले सभी सदस्यों का आधार कार्ड छाया प्रति एवं एक पासपोर्ट साइज फोटो  प्राप्त  कर ले
  •  अपने ग्राम पंचायत अधिकारी से नया समूह बनाने का  फार्म प्राप्त करें
  •  समूह का एक नाम चुने
  •   फार्म को अच्छी तरह से भरने के साथ साथ दस्तावेजों को लगाकर अपना पंजीकरण करा लें
  •  फिर पंजीकृत फॉर्म के साथ अपने नजदीकी बैंक शाखा में अपने समूह के नाम से खाता खुलवाएं
  •  जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सचिव का संयुक्त रुप से खाता खुलेगा
  • अब आप अपने समूह का संचालन सुचारू रूप से कर सकते हैं

महिला समूह का नाम क्या रखें?

समूह का नाम रखने से पहले समूह के सभी सदस्यों के साथ चर्चा करें और उनका सुझाव  ले |  सहमति से एक अच्छा सा नाम चुने जो सुनने में अच्छा लगे  जैसे मां भवानी स्वयं सहायता समूह |

 समूह का नाम ज्यादा बड़ा नहीं होना चाहिए जिससे उसका  उच्चारण करने में दिक्कत हो |  किसी  लोकप्रिय नाम को भी अपने समूह नाम के तौर पर रख सकती हैं |

 समूह का नाम जितना छोटा होगा उतना ही अच्छा होगा जैसे सरस्वती प्रेरणा  समूह , मां शक्ति समूह

स्वयं सहायता समूह में अध्यक्ष

प्रत्येक समूह को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक अध्यक्ष का होना अनिवार्य है जिससे उसका संचालन निर्विवाद रूप से चलता  रहे |

 स्वयं सहायता समूह  सभी सदस्य बैठक करके सर्वसम्मति से अपने समूह का एक अध्यक्ष चुन सकते हैं इसके साथ ही उपाध्यक्ष कोषाध्यक्ष का भी चुनाव करते  हैं |  यदि अध्यक्ष  समूह के नियम का पालन नहीं करता है तो उसे अध्यक्ष पद से हटाया भी जा सकता है |

अध्यक्ष का कार्य, समूह की बैठकों का संचालन करना एवं लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए  निर्देशन करना तथा समूह की गतिविधियों का मूल्यांकन करना है

स्वयं सहायता समूह में कौन कौन से पद होते हैं? 

Swayam sahayata samuh SHG 3 पद होते हैं –

प्रत्येक समूह में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष  तथा एक कोषाध्यक्ष होता है  और समूह के सभी सदस्य कार्यकत्री के रूप में कार्य करते हैं |

स्वयं सहायता समूह में कितने रजिस्टर होते हैं?

  • सदस्यता रजिस्टर-   सभी  सदस्यों के नाम तथा उनका विवरण दर्ज होता है नए सदस्य बनने पर विभाग से रजिस्टर में दर्ज होता है
  •  उपस्थिति रजिस्टर
  • कार्यवाही पुस्तिका रजिस्टर
  •  नगद लेनदेन संबंधित रजिस्टर
  • सदस्य वार बचत तथा कर्ज रजिस्टर 

समूह में कितना पैसा मिलता है?

स्वयं सहायता समूह UP में सरकार द्वारा  ग्राम पंचायत में बनने वाले सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव के लिए ₹9000 का अनुदान प्रतिमाह मिलेगा |

 इसके साथ महिला स्वयं सहायता समूह को  बैंक बिना कॉलेटरल लोन भी मिलता है |  इसके अलावा सरकार द्वारा समय-समय पर वित्तीय सहायता के रूप में अनुदान दिया जाता है |

स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन UP

 स्वयं सहायता समूह उत्तर प्रदेश में  लगभग 10 लाख से भी अधिक पंजीकृत हो चुके हैं आप नहीं ना समूह रजिस्ट्रेशन करना चाहते हैं तो 

  •  अपने ब्लॉक से self help group (SHG)  फार्म प्राप्त करें
  •  सभी सदस्यों का आधार कार्ड प्राप्त करें
  •  सभी सदस्यों का एक पासपोर्ट साइज फोटो प्राप्त करें
  • समूह के नाम के साथ फार्म को अच्छी तरह से भरें
  •  और ब्लॉक में जमा करके अपना  पंजीकरण करा लें
  •  पंजीकरण संख्या के साथ नजदीकी बैंक शाखा में समूह के नाम से अध्यक्ष उपाध्यक्ष एवं सचिव का संयुक्त रुप से एक खाता खुलवा  ले
  •  इस प्रकार आपका  स्वयं सहायता समूह का रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक हो जाएगा | 

सहायता समूह की लिस्ट कैसे देखें?

अपनी ग्राम पंचायत की स्वयं सहायता समूह की सूची  देखने के लिए –

  • https://nrlm.gov.in/ पर क्लिक करें
  • फिर REPORTS TAB में Analytical Reports पर क्लिक करें 
स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन up
  • फिर Self Help Group (SHG) पर क्लिक करें
स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन up
  • अब G1 :  SHGs in NRLM Database  पर क्लिक करें
  • फिर अपने राज्य,  जिले , ब्लॉक तथा अपने ग्राम पंचायत  को चुने
  • अब अपने ग्राम को चुने 
  • अब आपके सामने स्वयं सहायता समूह की पूरी लिस्ट खुल जाएगी

कैसे बने स्वयं सहायता समूह के मेंबर

यदि आप स्वयं सहायता समूह के मेंबर बनना चाहते हैं तो  अपने नजदीकी स्वयं सहायता समूह से संपर्क करें , और सदस्यता शुल्क को  देते हुए  समूह में सदस्य के तौर पर अपना  पंजीकरण करा  ले |

 आप अपने गांव के किसी समूह के सदस्य बन सकते हैं |  इसलिए अपने गांव में पंजीकृत समूह में ही अपना पंजीयन कराएं |

स्वयं सहायता समूह लोन की जानकारी

यदि इस समूह में नियमित रूप से चल रहा है और उसका बैंक खाता 6 महीने से अधिक का है तो ऐसे में कोई भी बैंक उसे आसानी से लोन दे सकता है |

 आरबीआई ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि स्वयं सहायता समूहों को 20 lacs रुपए तक का लोन 12% ब्याज दर से बिना किसी मार्जिन के दिया जा सकता है पहले यह राशि ₹10 लाख थी |

स्वयं सहायता समूह में रोजगार

  • घरेलू उद्योग जैसे मुरब्बा बनाना अचार बनाना आदि
  •  हथकरघा उद्योग
  • ब्लॉक स्तर पर कैंटीन चलाने का उद्योग
  •  हाथ से बनी हुई वस्तु जैसे लकड़ी का बर्तन
  •  सिलाई कढ़ाई बुनाई का रोजगार

दोस्तों आशा करता हूं मेरे द्वारा स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन up के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से आपको दी गई है | यदि फिर भी आपको  स्वयं सहायता समूह  के बारे में को जानकारी चाहिए या  आपका कोई सुझाव हो तो  हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं |

स्वयं सहायता समूह pdfक्लिक करें
NRLM websiteक्लिक करें 
होम पेजgraminyojana.com

 महत्वपूर्ण प्रश्न 

एक गांव में कितने समूह बन सकते हैं?

 एक गांव में अनगिनत समूह  बनाए जा सकते हैं

एसएचजी के तहत सैविंग खाता कौन खोल सकता है?

Swayam sahayata samuh  का खाता अध्यक्ष उपाध्यक्ष तथा कोषाध्यक्ष का संयुक्त रुप से समूह के नाम से खोला जाता है |

स्व सहायता समूह में निर्णय कौन करता है?

स्वयं सहायता समूह में सभी सदस्यों से  सलाह लेने के बाद अध्यक्ष  निर्णय लेता है |

स्वयं सहायता समूह में कितने सदस्य होते हैं?

सेल्फ हेल्प ग्रुप में 10 से लेकर 20 सदस्य तक हो सकते हैं |

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